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Thursday, 17 March 2016

Kanha Bhajan

  सारे   ब्रज में मची  है  धूम 
                     जनम लियो  नन्दलाला ।-3

ग्वाल  बजावें ढोल मजीरा  नाचत है  वृजबाला -3
सारे ब्रज ----------

1)  चंदन पलना झूल रहें हैं  श्याम यशोदा नंदन
      किलकारी भर भर मुसकावत मोह लियो सबके मन -2
      नज़र लगे ना लाला को है गाल पर टीका काला -2
       सारे ब्रज ----------

2)    कौवें  झूमे मैना चहके कोयल कुहुक सुनावें
        अँगना बीच मयूरा थिर थिर थिरकत कांझ रिझावें  -2
        ब्रज वासी के नैन पियत हैं श्याम रूप रस प्याला-2
        सारे ब्रज ----------

3)     स भी   देवता वेष बदलकर दर्शन करने आवें
        शिव शंकर भी याचक बनकर अपने नैन जुरावें -2
        जग पालक जो सत है अनूठा लीला रूप निराला -2
        सारे ब्रज ----------